moral of the story in hindi

एक गांव में एक बुढ़िया रहती थी जो बहुत ही खुदगर्ज़ थी। उसने अपने पड़ोस में रहने वाले लोगों के साथ कभी मित्रता नह

moral of the story in hindi

एक गांव में एक बुढ़िया रहती थी जो बहुत ही खुदगर्ज़ थी। उसने अपने पड़ोस में रहने वाले लोगों के साथ कभी मित्रता नहीं की। एक दिन उसे एक युवक ने पूछा, "माताजी, आप इतने अकेले क्यों रहती हैं?" बुढ़िया ने कहा, "मैं अपने आप को बचाने के लिए अकेली रहती हूँ।" युवक ने हंसते हुए कहा, "माताजी, जीवन उद्यम, समर्पण और मित्रता के रंगों से भरा होता है। आपके पड़ोस में रहने वाले लोग आपकी सेवा कर सकते हैं।" बुढ़िया ने समझा और अपनी खुदगर्ज़ी छोड़ी। इससे सभी को एकजुट होकर जीने का आनंद मिला और गांव में खुशहाली बढ़ी।